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Harvinder Singh Kukoo
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ਇਨਸਾਨ ਚੰਗੇ ਮਾੜੇ ਉਪਰਾਲੇ ਕਰ ਰੱਬ ਦੀ ਇਸ ਧਰਤੀ ਤੇ ਜਮੀਨ ਦੇ ਉਹ ਟੁਕੜੇ ਖ਼ਰੀਦਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਰਹਿਣਾ ਨਹੀਂ _ਜੀਣਾ ਨਹੀਂ _ਮਰਨਾ ਨਹੀਂ । ਸਾਇਦ ਰੱਬ ਵਲ਼ੋਂ ਦਿੱਤੀ ਇਹ ਸਜ਼ਾ ਹੈ_ ਇਨਸਾਨ ਭੁਗਤ ਰਹੇ ਹਨ ਜਮੀਨ ਦੇ ਟੁਕੜਿਆਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰ _ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੁਕੂ ( ਪਟਿਆਲਾ )


Media Samachar_aapka fayda

   वाई-फाई सिग्नल को मजबूत बनाने के लिए --------

         फास्ट स्पीड के लिए सही जगह पर राउटर लगाना बेहद जरूरी है। अपने घर के संटर में या उसके आस-पास ही राउटर लगाएं ताकि सिग्नल घर के कोने-कोने तक आसानी से पहुंच सके। गलती से भी किचन सिंक के अंदर राउटर नहीं लगाना चाहिए, फ्लोर (बहुमंजिली इमारत) है, तो बेहतर होगा कि सिग्नल और हाई स्पीड के लिए टॉप फ्लोर पर राउटर को लगाएं। इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस राउटर सिग्नल में समस्या पैदा करती है, इसलिए इस बात का विशेष का ध्यान रखें कि माइक्रोवेव्स, टीवी, रेफ्रिजरेटर, कार्डलेस फोन, हैलोजन लैंप्स जैसे डिवाइस से कम से कम 10 फभ्ट की दूरी पर राउटर हो।

     बूस्टर एंटिना से वाई-फाई को करें बूस्ट
सामान्य तौर पर राउटर में एक या दो एंटिना होता है, लेकिन कई बार इससे सिग्नल कोने-कोने तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में सिग्नल को मजबूत बनाने के लिए बूस्टर एंटिना लगाना सटीक साबित होगा। बूस्टर एंटिना समस्या को जल्दी पकड़ते हुए उसका तुरंत समाधान करेगा और राउटर की रेंज को बढ़ाएगा। साथ ही साथ बूस्टर से सिग्नल का कवरेज एरिया ज्यादा बड़ा होगा और वाई-फाई की स्पीड भी हाई होगी। बूस्टर एंटिना किसी भी अच्छे इलेक्ट्रॉनिक स्टोर में आसानी से मिल जाएगा और इसे राउटर में आसानी से इंस्टॉल किया जा सकता है।
शेयर न करें नाम
अपने वाई-फाई नेटवर्क का नाम अपने पड़ोसी या किसी और से शेयर न करें। वाई-फाई नाम किसी अनजान को पता नहीं चले इसके लिए अपने वाई-फाई के ब्रॉडकास्टिंग ऑप्शन में सर्विस सेट आईडेंटिफायर (एसएसआईडी) को ऑफ कर दें। आप अपने वाई-फाई नेटवर्क नाम के साथ पासवर्ड भी डाल दें तो बेहतर रहेगा। ऐसा करने से पड़ोसी के वाई-फाई का इंटरफरेंस बंद हो जाएगा और स्ट्रांग सिग्नल मिलने के साथ-साथ स्पीड हाई हो जाएगी।
लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है परफेक्ट
हाई-स्पीड वाई-फाई के लिए सबसे बेहतर तरीका है कि आप लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल से स्ट्रांग सिग्नल मिलता है। वायरलेस ए, बी, और जी पुराना हो चुका है और यह स्लो काम करता है। वायरलेस एन लेटेस्ट वर्जन है और यह काफी फास्ट स्पीड देता है। वायरलेस एन राउटर इस्तेमाल करे के साथ-साथ अपने पीसी या लैपटॉप में वायरलेस एन कार्ड लगाने से काफी हाई स्पीड मिलेगी।

====================                     1 ਜੀ.ਬੀ. ਦੀ ਫਿਲਮ ਸਿਰਫ 3 ਸੈਕਿੰਡ 'ਚ ਹੀ ਡਾਊਨਲੋਡ विंडोज एक्सपी की तरह अब विंडोज 7 के भी दिन लद चुके  भारतीय बाजार में  नोकिया एक्स2 =======================
नए फिचर्स के साथ बाजार में MOTO X    ऐप्स की दुनिया में फेसबुक की बादशाहत बरकरार, दूसरा नंबर यूट्यूब काएप्लीकेशन इस्तेमाल करने की सूची में सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक ने पहले स्थान पर रहते हुए अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। एप्पल और गूगल स्टोर की 20 लाख से ज्यादा एप्लीकेशन में से फेसबुक 11.5 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ टॉप पर है। जबकि दूसरे स्थान पर गूगल का यू-ट्यूब है एप्प है, जिस 8.34 करोड़ लोग इस्तेमाल करते है। अमेरिका की इंटरनेट विश्लेषक कंपनी कॉमस्कोर द्वारा यह टॉप 10 ऐप्स की सूची तैयार की गई है। इस सूची में तीसरे नंबर पर 'गूगल प्ले' ऐप है, जिसे हर महीने 7.2 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद गूगल सर्च इंजन 7 करोड़ यूजर्स के साथ चौथे नंबर पर है।ऑनलाइन रेडियो सेवा पैंडोरा इस लिस्ट में 6.9 करोड़ श्रोताओं के साथ पांचवें नंबर पर है। छठे नंबर पर गूगल मैप है, जिसे 6.45 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं तो सातवें स्थान पर गूगल का जी-मेल ऐप्प है जिसे 6 करोड़ यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर इंस्टाग्राम, एप्पल मैप और याहू फाइनांस है।  =========
इंटरनेट बिना चलेगा फ़ेसबुकक्लिक करें

 इंटरनेट पर मिलने वाली जानकारियां के प्रति हमेशां सतर्क रहें            सैमसंग ने नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलेक्सी एस-5 भारत में भी लांच कर दिया है। सैमसंग का यह सबसे पावरफुल स्मार्टफोन है एप्पल आईफोन 5एस तथा एलजी जी2 की टक्कर का है। कंपनी के अनुसार  11 अप्रैल से भारत समेत यह दुनिया के 59 देशों में  मिलेगा।  इस फोन की कीमत 51 हजार से 53 हजार के बीच होगी  फेसबुक के यूजर – Facebook Users
  • धरती का हर 13वां व्‍यक्ति फेसबुक यूजर है। 71.2 प्रतिशत यूएस के इंटरनेट यूजरों में 30 प्रतिशत यूजर फेसबुक के हैं। हर 20 मिनट में 1,000,000 लिंक फेसबुक में शेयर किए जाते हैं।
  • हर 20 मिनट में 1,484,000 ईवेंट इनवाइट पोस्‍ट किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,323,000 फोटो टैग किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,851,000 स्‍टेटस अपडेट किए जाते हैं।
  • हर 20 मिनट में 1.972 मिलियन दोस्‍तों की रिक्‍वेस्‍ट एक्‍सेंप्‍ट की जाती है। हर 20 मिनट में 2,716,000 फोटो अपलोड की जाती है। हर 20 मिनट में 2,716,000 मैसेज भेजे जाते हैं।
  • हर 20 मिनट में 10.2 मिलियन कमेंट पोस्‍ट किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,587,000 वॉलपोस्‍ट लिखे जाते हैं। नए साल के दौरान करीब 750 मिलियन फोटो फेसबुक में अपलोड किए जाते हैं
  • क्लिक करेंइंटरनेट पर सुरक्षा के नुस्खे.क्लिक करेंईमेल एकाउंट कई तरह से घातक भी साबित हो सकता है. ईमेल के ज़रिए आपके कंप्यूटर और निजी तौर पर आपको कई तरह के नुकसान पहुंचाए जा सकते हैं.
    • इंटरनेट पर अपने ईमेल को सुरक्षित बनाने के लिए अज्ञात स्रोत से आए ‘स्पैम’ यानी गैर ज़रूरी ईमेल को न खोलें.
    • जिन ईमेल पतों पर अंग्रेज़ी के गलत या बहुभाषी अक्षर लिखें हों, जिनके विषय भी ऐसे हों उन्हें बिना पहचाने क्लिक करना भी खतरनाक हो सकता है.
    • इस तरह के ईमेल से आए डॉक्यूमेंट पढ़ने की कोशिश न करें.
    • गैर ज़रूरी ईमेल के भीतर ‘रिमूव’ का विकल्प दिखने पर भी उसके ज़रिए ईमेल को नष्ट न करें.
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    • जहां तक संभव हो इंटरनेट पर अपनी हर जानकारी को पासवर्ड से सुरक्षित करें.
    • पासवर्ड बड़े और छोड़े अक्षरों सहित अंकों का मिलाजुला रुप होना चाहिए. पासवर्ड जितना कठिन होगा उसे भेदना उतना ही मुश्किल.
    • अपने पासवर्ड को इंटरनेट पर सोच समझकर ज़ाहिर करें. अनजान वेबसाइट पर पासवर्ड लिखना खतरनाक हो सकता है.
    • समय–समय पर अपने पासवर्ड बदलते रहें. एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल न करें.
    3- इंटरनेट पर जालसाज़ी
    • पैसों से लेन-देन से जुड़े कई तरह के ईमेल आमतौर पर अकाउंट में आते हैं. विदेशियों का ज़िक्र लिए इन ईमेल के जवाब में कोई जानकारी न भेजें.
    • लोन देने, चैरिटी के लिए पैसा मांगने, बकाया पैसा लौटाने और लॉटरी से जुड़े ईमेल आमतौर पर लोगों को फंसाने का ज़रिया होती हैं. इनका जवाब भेजने और जानकारियां मांगने के बजाय इनके बारे में साइबर अपराध शाखा को सूचित करें.
    वायरस तकनीकी भाषा में लिखा गया वो प्रोग्राम है जो व्यापक स्तर पर कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने की दृष्टि से बनाया जाता है. इसके ज़रिए कोई इंटरनेट पर आपकी पहचान चुरा सकता है.
    • वायरस से बचने के लिए अनजान स्रोत से आई जानकारियों को क्लिक न करें.
    • अपने कंप्यूटर पर वायरस से बचाव करने वाले सॉफ्टवेयर यानी एंटीवायरस डाउनलोड कर रखें.
    • कंप्यूटर से जुड़े किसी भी बाहरी उपकरण को इस्तेमाल से पहले वायरस के लिए जांच लें. हर कंप्यूटर में ये सुविधा उपलब्ध होती है.
    • इंटरनेट पर मौजूद मुफ्त फिल्में, गाने और सॉफ्टवेयर आमतौर पर वायरस से संक्रमित होते हैं. ऐसा करते समय विशेष रुप से ध्यान रखें.
    सार्वजनिक रुप से उपलब्ध इंटरनेट यानी वाई-फाई वायरस जैसे खतरों का सबसे बड़ा स्रोत हो सकता है. इसके ज़रिए कोई आपकी निजी जानकारियां पढ़ सकता है.
    • सार्वजनिक जगहों पर कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हुए किसी भी तरह के अनजान संदेश को स्वीकार न करें.
    • अनजान, अजीबोगरीब लिंक पर क्लिक करने से बिना आपकी इजाज़त भी कंप्यूटर की जानकारियां स्रोत तक पहुंच सकती हैं.
    • जहां तक संभव हो अपने बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां अनजान वेबसाइट पर न डालें.
         ਜੇਪੁਰ- ਹੁਣ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ ਆ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਸਿਰਫ 3 ਸੈਕਿੰਡ 'ਚ ਹੀ ਪੂਰੀ ਫਿਲਮ ਡਾਊਨਲੋਡ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਹੁਣ ਤਕ ਤੁਸੀਂ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਦੀ ਹੌਲੀ ਸਪੀਡ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਸੀ, ਪਰ ਹੁਣ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਵਾਲਾ। ਦੱਖਣੀ ਕੋਰੀਆਈ ਕੰਪਨੀ ਸੈਮਸੰਗ ਨੇ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ ਇਜ਼ਾਦ ਕੀਤੀ ਹੈ ਜੋ ਹੁਣ ਦੇ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਤੋਂ 5 ਗੁਣਾ ਤੇਜ਼ ਹੈ। ਸੈਮਸੰਗ ਦੇ ਇਸ ਨਵੇਂ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਸਿਸਟਮ ਦੀ ਸਪੀਡ 575 ਐਮ.ਬੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਸੈਕਿੰਡ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਪੂਰੀ 1 ਜੀ.ਬੀ. ਦੀ ਫਿਲਮ ਸਿਰਫ 3 ਸੈਕਿੰਡ 'ਚ ਹੀ ਡਾਊਨਲੋਡ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ।
           ਸੈਮਸੰਗ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸ ਦੀ ਇਹ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ 802.11 ਏ.ਡੀ. ਸਟੈਂਡਰਡ 60 ਗੀਗਾਹਾਰਟਜ਼ ਹੈ, ਜੋ ਸਹਿ ਚੈਨਲ ਦੀ ਰੁਕਾਵਟਾਂ ਨੂੰ ਹਟਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਵੱਧ ਸਪੀਡ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ 2.4 ਗੀਗਾਹਾਰਟਜ਼ ਅਤੇ 5 ਗੀਗਾਹਾਰਟਜ਼ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ ਤੋਂ ਬਿਲਕੁੱਲ ਵੱਖ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਇਕ ਹੋਰ ਖਾਸ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਚਾਹੇ ਇਕ ਨੈਟਵਰਕ 'ਤੇ ਕਿੰਨੀਆਂ ਵੀ ਡਿਵਾਈਸਿਜ਼ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੋਵੇ ਪਰ ਇਸ ਦੀ ਸਪੀਡ 'ਚ ਕੋਈ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਸੈਮਸੰਗ ਦੀ ਇਸ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ ਨੂੰ ਡਿਵੈਲਪ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਗਰੁੱਪ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਲਈ 60 ਗੀਗਾਹਾਰਟਜ਼ ਬੈਂਡ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲੀ ਸਫਲ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ। ਕੰਪਨੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸੈਮਸੰਗ ਦੀ ਇਹ 60 ਗੀਗਾਹਾਰਟਜ਼ ਵਾਈ-ਫਾਈ ਟੈਕਨਾਲੋਜੀ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਤੋਂ ਹੀ ਬਾਜ਼ਾਰ 'ਚ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ


         अगर आप अपने कंप्यूटर में विंडोज 7 इस्तेमाल कर रहे हैं तो विंडोज एक्सपी की तरह अब इसके भी दिन लद चुके हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने एेलान किया है कि वह जल्द ही इस ओएस को बेचना बंद करने वाली है।
         कंपनी का कहना है कि विंडोज 7 होम बेसिक, होम प्रीमियम और अल्टीमेट की कॉपियां कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियों को देना बंद करने वाली है और ऐसा इसी साल 31 अक्टूबर से हो सकता है। हालांकि विंडोज 7 प्रो के बारे में अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है।
    नेटमार्केटप्लेस के मुताबिक ज्यादा कंप्यूटर यूजर्स में अभी 13.4 फीसदी यूजर ही विंडोज 8 अथवा विंडोज 8.1 काम में ले रहे हैं, जबकि विंडोज 7 को 51.2 फीसदी और 12 साल पुराने विंडोज एक्सपी को 23.89 फीसदी यूजर काम में ले रहे हैं।
    खबर है कि कंपनी का इसके पीछे मकद विंडोज 8, विंडोज 8.1 और नए आने वाले विंडोज 9 की ओर ले जाने का है। खबर है कि माइक्रोसॉफट इसी हफ्ते सेनफ्रांसिस्को में एक कार्यक्रम के तहत विंडोज 9 को लॉन्च करने वाली है।
    माइक्रोसॉफ्ट ने इसी साल की शुरूआत में ऐलान किया था कि विंडोज 7 पर 5 साल के लिए दिया गया मेनस्ट्रीम सपोर्ट जनवरी 2015 में खत्म हो रहा है। हालांकि अब इसे बढ़ाकर 2020 तक के लिए किया जा रहा है। 
         माइक्रोसॉफ्ट डिवाइसेज ने नोकिया एक्स2 आज भारतीय बाजार में पेश किया जिसकी कीमत 8699 रुपये है। कंपनी इस मोबाइल के जरिए सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट आदि कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को चुनौती देना चाहती है।कंपनी ने वैश्विक बाजारों में नोकिया एक्स2 को जून में पेश किया था। यह एंड्रायड आधारित नोकिया एक्स का अगला संस्करण है। माइक्रोसाफ्ट के बयान में कहा गया है कि नोकिया एक्स2 में 1.2 गीगाहर्ट्ज का डुअल कोर स्नैपड्रेगन प्रोसेसर है। इसमें 1जीबी रैम, 5 मेगापिक्सल का कैमरा है। उल्लेखनीय है कि माइक्रोसाफ्ट ने इसी साल नोकिया के हैंडसेट कारोबार को खरीद लिया था।
        मोटोरोला ने आईएफए 2014 में नए मोटो एक्स के लांच कर दिया है। नए मोटो एक्स में कई नए फिचर्स के साथ बाजार में धूम मचाने के लिए तैयार खड़ा है। नया मोटो एक्स पहली नजर में देखने पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खिंचता है। लकड़ी वाला बैक डिजाइस मोटो एक्स को और ज्यादा प्रीमियम बनाता है। मोटो एक्स में ओके गूगल की जगह असिस्ट दिया गया है जोकि आपकी आवाज को सूनेगा और आपके द्वारा दी गई कमांड को पूरा करेगा।

         फिचर्स की बात करें तो नया मोटो एक्स पहले वाले से एक कदम आगे निकल चुका है। जहां पिछले मोटो एक्स में 4.7 इंच की 720पी डिस्प्ले दी गई थी। वहीं नए मोटो एक्स में फुल 1080पी रेजोलुशन वाली एमोलेट डिस्प्ले 5.2 इंच की स्क्रीन के साथ मिलेगी। इसके साथ ही नए मोटो एक्स का कैमरा 10 से बढ़ा कर 13 एमपी का कर दिया गया है। वीडियो रिकार्डिंग में भी नया मोटो एक्स एक कदम आगे बढ़ते हुए 4k वीडियो रिकार्डिंग करने में सक्षम हो गया है। फोन में लगे फ्रंच ड्यूल स्पीकर से वीडियो देखते समय ज्यादा फायदे का सौदा साबित होंगे। 
          साथ ही नए मोटो एक्स में लगा हार्डवेयर भी आपको निराश नहीं करेगा। नए एक्स में क्वालकम स्नैपड्रैगन 801 प्रोसेसर 2.5 जीएसजेड क्वार्ड-कोर चिपसेट के साथ दिया गया है। साथ ही इस फोन में एड्रीनो 330 578 MHz GPU भी दिया गया है। कुछ लोगों को 2 जीबी की रैम निराश कर सकती है परंतु यह कम भी नहीं है। 2,300 एमएएच की बैटरी के साथ न्यू मोटो एक्स 16 और 32 जीबी की इंटरनल स्टोरेज के साथ पेक है। एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार नए मोटो एक्स की कीमत 500 डालर यानि 30,000 हजार के करीब है।  ==========================================

     ज़ेन ने एक ब्लॉग में लिखा, ''दुनिया की 85 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी मोबाइल कवरेज क्षेत्र में रहती है, लेकिन केवल 30 प्रतिशत आबादी ही इंटरनेट का इस्तेमाल करती है.''   फ़ेसबुक ने उन मोबाइल धारकों के लिए एक ऐसा ऐप लांच किया है, जिनके पास मोबाइल तो है, पर इंटरनेट नहीं है. फ़ेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग ने कहा है, ''यह ऐप, दुनिया में हर व्यक्ति तक सस्ती इंटरनेट सेवाएं मुहैया करने की हमारी कोशिशों का हिस्सा है.''थ्री-डी प्रिंटरों की मदद से 10 घर मात्र 24 घंटे में बनाए                      चीन की एक कंपनी ने एक अतिविशालकाय थ्री-डी प्रिंटरों की मदद से पूरे आकार के एक तल्ले के 10 घर मात्र 24 घंटे में बनाए. चीन की एक निजी कंपनी विनसुन ने परत दर परत दीवार बनाने के लिए 10 मीटर गुणा 6.6 मीटर के चार प्रिंटरों में सीमेंट और अन्य निर्माण सामाग्री का उपयोग कियाथ्री-डी प्रिंटरप्लान्स की वेबसाइट के अनुसार प्रिंटिंग के दौरान सस्ती सामाग्री का प्रयोग किया गया और इसमें मानवीय श्रम लगने के कारण इसकी लागत 5000 डॉलर से भी कम आएगी.
         
      शिन्हुआ के अनुसार विनसुन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मा यिहे ने कहा, "हमारे उपभोक्ता हमारे पास जो भी डिज़िटल डिज़ाइन लेकर आएंगे हम उसे प्रिंट कर सकते हैं. यह तेज़ और सस्ता है."
    कंपनी को उम्मीद है वो भविष्य में बड़ी-बड़ी इमारतें बना सकेगी. शिन्हुआ के अऩुसार चीन निर्माण विभाग को बहुमंजीली थ्री-डी इमारत बनाने की अनुमति नहीं है.
             पिछले कुछ समय में थ्री-डी प्रिटिंग का चलन बढ़ा है. निर्माता और शिल्पकार इसकी मदद से आभूषण और फर्नीचर जैसी रोजमर्रा की चीज़ें बना रहे हैं. इसकी मदद से औद्योगिक उपयोग की भी कई चीज़ें बनाई जा रही हैं.
    थ्री-डी प्रिंटरप्लान्स की वेबसाइट 
    भारत में क़रीब 24 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स हैं जो रोज़मर्रा की जानकारी के लिए  गूगल सर्च का प्रयोग करते हैं. सोशल मीडिया वेबसाइटों और ब्लॉग्स से भी जानकारीयां प्राप्त की जाती है. लेकिन नेट पर मिलने वाली जानकारियां शत-प्रतिशत सही नहीं होती, यूज़र्स को चाहिए कि इंटरनेट पर मिली जानकारियों सच्च मानने से पहिले जरूर परखें. कुछ असामाजिक तत्व अफवाहों को फैलाने के लिए वेबसाइटों व ब्लॉग्स का सहारा लेते है जिस से हमे बचना चाहिए. हालांकि मिली जानकारी के मुताबक  ‘सेंटर फ़ॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी’ के कार्यकारी निदेशक मानना है कि सरकार अफ़वाहों को फैलने से रोकने के लिए और बेहतर क़दम उठा सकती है, बजाय संपर्क माध्यम को बंद करने के.      माना जाता है कि इंटरनेट पर विभिन्न विषयों पर जानकारी देने वाली शायद सबसे बड़ी वेबसाइट, ‘विकीपीडिया’ है जो अपने डिस्क्लेमर में कहता है कि वो अपनी साइट पर दर्ज़ जानकारियों की पूरी प्रामाणिकता का दावा नहीं कर सकता. इसके विपरीत  जनसंपर्क एजेंसियों के प्रभाव में निजी या राजनीतिक लाभ के लिए तैयार की जा रही सामग्रियां सोशल मीडिया वेबसाइटों, ब्लॉग्स और अन्य वेबसाइटों में भी जारी की जाती हैं, जो सच, झूठ या आधा सच साबित हो सकती हैं.
         हमारे देश में साइबर क़ानून है जो  अफ़वाह शब्द को मान्यता नहीं देता. अभिव्यक्ति की आज़ादी सभी को है लेकिन इसकी आड़ में नफ़रत फैलाने या अशांति फैलाने की गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.==================================================
      ਫਰੀ ਇੰਟਰਨੇਟ ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ ਵਾਈ - ਫਾਈ ਸੇਵਾ  ਅਮਰੀਕਾ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਫਰੀ ਇੰਟਰਨੇਟ ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ ਵਾਈ - ਫਾਈ ਸੇਵਾ ਦੇਣ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਵਿੱਚ ਹੈ . ਅਮਰੀਕਾ ਦੀ ਇੱਕ ਕੰਪਨੀ ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ  ਦੇ ਜਰਿਏ ਗ‍ਲੋਬਲ ਨੈੱਟਵਰਕ ਤਿਆਰ ਕਰ  ਦੁਨਿਆਭਰ ਵਿੱਚ ਮੁਫਤ ਇੰਟਰਨੇਟ ਸਹੂਲਤ ਦੇਣ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ .
           ਸਿੱਧਾ ਸਪੇਸ ਤੋਂ  ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ  ਦੇ ਜਰਿਏ ਮਿਲਣ ਵਾਲੀ ਵਾਈ - ਫਾਈ ਦੀ ਇਸ ਸਹੂਲਤ  ਲਈ ਕੋਈ ਪੈਸੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਦੇਣ ਹੋਣਗੇ .  ਨਿਊਯਾਰਕ  ਦੇ ਮੀਡਿਆ ਡੇਵਲਪਮੇਂਟ ਇਨਵੇਸਟਮੇਂਟ ਫੰਡ  ( ਏਮਡੀਆਈਏਫ )   ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ,   ਦੁਨਿਆਭਰ  ਦੇ ਸਾਰੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਰੋਕ - ਟੋਕ ਅਤੇ ਸੇਂਸਰਸ਼ਿਪ ਤੋਂ    ਮੁਫਤ ਇੰਟਰਨੇਟ ਸਹੂਲਤ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਾਉਣ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਹੈ .
     
     ਇਸ ਤਕਨੀਕ ਨਾਲ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਮੌਜੂਦ ਹਜਾਰਾਂ ਕੇਂਦਰਾਂ ਵਲੋਂ ਸੈਟਲਾਇਟਸ  ਦੇ ਜਰਿਏ ਡੇਟਾ ਭੇਜਿਆ ਜਾ ਸਕੇਂਗਾ ,  ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਦੁਨਿਆਭਰ  ਦੇ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਫੋਨ ਜਾਂ ਕੰਪਿਊਟਰ ਤੋਂ ਕਰ ਸਕਣਗੇ .
    ਏਮਡੀਆਈਏਫ ਦਾ ਆਖਣਾ  ਹੈ ਕਿ ਦੁਨਿਆਭਰ  ਦੇ 40 ਫੀਸਦੀ ਲੋਕਾਂ  ਦੇ ਕੋਲ ਇੰਟਰਨੇਟ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਨਹੀਂ ਹੈ .  ਇਹ  ਉਹ ਨੈੱਟਵਰਕ ਹੋਵੇਗਾ . ਜਸਦੇ  ਤਹਿਤ ਜਾਨਕਾਰੀਆਂ ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ ਤੱਕ ਭੇਜੀ ਜਾਓਗੇ ਅਤੇ ਫਿਰ ਉਹੀ ਜਾਨਕਾਰੀਆਂ ਦੁਨਿਆਭਰ  ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਈ ਜਾਵੇਗੀ .  ਇਸ ਸੈਟੇਲਾਇਟਸ ਨੂੰ ਆਕਾਸ਼ ਵਿੱਚ ਸਥਾਪਤ ਕਰਣ ਦੀ ਸ਼ੁਰੁਆਤ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ .
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    फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलेक्सी एस-5 भारत में11 अप्रैल से  

        इस  हाइ एंड स्मार्टफोन में 5.1 की फुल एचडी डिस्पले स्क्रीन व 16 एमपी कैमरा रीयर तथा 2 एमपी कैमरा फ्रंट में दिया गया है। इसमें सबसे खार्स फीचर्स के तौर पर फिंगर स्केनर, बायोमेट्रिक स्क्रीन लॉकिंग फीचर भी  है। गैलेक्सी एस-5 स्मार्टफोन एंड्रॉयड ओएस के लेटेस्ट वर्जन किटकैट 4.4.2 पर काम करता है और इसें एंड्रॉयड नए आने वाले वर्जन से अपडेट किया जा सकेगा।
    गैलेक्सी एस-5 में क्या खास है 
    1.दिल की धड़कन को नापे जाने वाला   दुनिया का पहला स्मार्टफोन,  हार्ट रेट सेंसर के चलते जिस पर अपनी उंगली स्कैन कर अपने दिल की धड़कन की गति पता चल जाएगीइसमें एस हेल्थ का फीचर से अपनी फिटनेस के लिए न सिर्फ लक्ष्य तय कर सकते हैं  बल्कि इसकी मदद से उन लक्ष्यों को पूरा भी कर सकते हैं .क्सरसाइज करते हुए वाल्किंग डिस्टेंस,स्पीड के साथ समय की अवधि और साथ साथ कैलोरीज का भी पता लगा सकते हैं .3.फिंगर प्रिंट स्कैनर अपने इस नए स्मार्टफोन में दिया है,फोन लॉक/अनलॉक करने के लिए सिर्फ स्कैनर पर अपनी उंगली को स्लाइड करना होगा.4.वाटर और डस्ट रेसिस्टेंट बनाया है ताकि आपको फोन मिट्टी,धूल,पानी आदि जैसे पदार्थो से सुरक्षित रहेगा।5.निजी फोटो,वीडियो के साथ अपने बैंक खातों के पिन आदि जरूरी फाइलों को सुरक्षित स्टोर करने की सुविधा।6.अल्ट्रा पॉवर सेविंग मोड से फोन की बैटरी लंबे समय तक चलेगी।7. 2.5 गीगा हट्स का स्नेपड्रैगन 800 क्वाड कोर प्रोसेसर ।8 ऑटो फोकस के साथ.16 मेगा पिक्सेल का बैक कैमरा।9.2 मेगा पिक्सेल का फ्रंट कैमरा भी मौजूद।10.5.1 इंच की फुल एच डी स्क्रीन पर 1920 X 1080 पिक्सेल पर सुपर एमोलड डिस्प्ले।11.इंटरनल मेमोरी जहां 16 जीबी व  64 जीबी तक की एक्सपेंडेबल मेमोरी का ऑप्शन भी दिया गया है 12.इस में  2 जीबी की रैम भी मौजूद।13. 2800 मिली एम्पियर की बैटरी।=========facebookफेसबुक की स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने चार फरवरी 2004 को की थी। हावर्ड विश्वविद्यालय के इस छात्र ने अलग-अलग लोगों के बीच अनुभवों को बांटने के लिए एक साझे मंच के तौर पर फेसबुक वेबसाइट की शुरुआत की।

    अगर फेसबुक एक देश होता तो ये दुनिया का तीसरा सबसे बड़ी जनसंख्‍या वाल देश होता। फेसबुक के कुल यूजरों की संख्‍या 111 करोड़ है।


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     ईमेल दुनियाभर से संपर्क स्थापित करने का एक बेहतरीन ज़रिया है लेकिन आपका
    इंटरनेट पर हर व्यक्ति की पहचान उसके पासवर्ड के ज़रिए होती है. इसके लीक होते ही आपकी निजी जानकारियां सार्वजनिक हो सकती हैं. पासवर्ड के ज़रिए अपराधी इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
    साइबर अपराधी इंटरनेट पर लोगों को अपना शिकार बनाने की फ़िराक में रहते हैं. उनसे बचने के लिए कई तरह के क़दम उठाने ज़रूरी हैं.




    ਪਟਿਆਲਾ ਸ਼ਾਹੀ ਸ਼ਹਿਰ, ਬਾਗਾਂ ਦਾ ਸ਼ਹਿਰ

    ਪਟਿਆਲਾ ਭਾਰਤੀ ਪੰਜਾਬ ਸੂਬੇ ਦੇ ਦੱਖਣ-ਪੂਰਬ ਵਿੱਚ ਸਥਿੱਤ ਇੱਕ ਸ਼ਹਿਰ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਤੇ ਸਾਬਕਾ ਰਿਆਸਤ ਹੈ। ਇਹ ਸ਼ਹਿਰ ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨਿਕ ਕੇਂਦਰ ਹੈ। ਇਹ ਸ਼ਹਿਰ ਬਾਬਾ ਆਲਾ ਸਿੰਘ ਨੇ 1763 ਵਿੱਚ ਵਸਾਇਆ ਸੀ, ਜਿਥੋਂ ਇਸਦਾ ਨਾਂ ਆਲਾ ਦੀ ਪੱਟੀ ਅਤੇ ਮਗਰੋਂ ਪੱਟੀਆਲਾ ਅਤੇ ਫੇਰ ਪਟਿਆਲਾ ਪੈ ਗਿਆ। ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੀਆਂ ਸੀਮਾਵਾਂ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ, ਰੂਪਨਗਰ ਅਤੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨਾਲ, ਪੱਛਮ ਵਿੱਚ ਸੰਗਰੂਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਨਾਲ, ਪੂਰਬ ਵਿੱਚ ਅੰਬਾਲਾ ਅਤੇ ਕੁਰੁਕਸ਼ੇਤਰ ਨਾਲ ਅਤੇ ਦੱਖਣ ਵਿੱਚ ਕੈਥਲ ਨਾਲ ਲੱਗਦੀਆਂ ਹਨ। ਇਹ ਸ‍ਥਾਨ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਆਗੂ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਦੇਸ਼ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਡਿਗਰੀ ਕਾਲਜ ਮਹਿੰਦਰਾ ਕਾਲਜ ਦੀ ਸ‍ਥਾਪਨਾ 1870 ਵਿੱਚ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋਈ ਸੀ । ਇਹ ਸ਼ਹਿਰ ਰਵਾਇਤੀ ਪੱਗ, ਪਰਾਂਦੇ, ਨਾਲੇ, ਪਟਿਆਲਾ ਸ਼ਾਹੀ ਸਲਵਾਰ, ਪੰਜਾਬੀ ਜੁੱਤੀ ਅਤੇ ਪਟਿਆਲਾ ਪੈੱਗ ਲਈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ। ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਦੇ ਸਦਰ ਮੁਕਾਮ ਵਜੋਂ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਪਟਿਆਲਾ ਨਗਰ ਦਾ ਆਪਣਾ ਹੀ ਇਤਿਹਾਸ ਅਤੇ ਸਭਿਆਚਾਰ ਹੈ। ਸੰਨ 1948 ਈ. ਤਕ ਇਹ ਪਟਿਆਲਾ ਰਿਆਸਤ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਸੰਨ 1956 ਈ. ਤਕ ਇਹ ਪੈਪਸੂ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਬਣਿਆ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਹੁਣ ਭਾਵੇਂ ਇਹ ਕੇਵਲ ਪਟਿਆਲੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦਾ ਸਦਰ ਮੁਕਾਮ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ਦਾ ਆਪਣਾ ਹੀ ਸਭਿਆਚਾਰਿਕ ਪਿਛੋਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਅਨੇਕ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿਚ ਇਸ ਦੀ ਝੰਡੀ ਕਾਇਮ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਫੂਲਕੀਆਂ ਖ਼ਾਨਦਾਨ ਦੇ ਬਾਬਾ ਆਲਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸੰਨ 1753 ਈ. ਵਿਚ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਸਥਾਨ ਉਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਪਟਾਂਵਾਲਾ ਥੇਹ ਹੁੰਦਾ ਸੀ। ਬਾਬਾ ਆਲਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸੰਨ 1753 ਈ. ਵਿਚ ਸਨੌਰ ਪਰਗਨਾਹ ਦੇ 84 ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅਧੀਨ ਕਰਕੇ ਥੇਹ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਉਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕੱਚੀ ਗੜ੍ਹੀ ਬਣਵਾਈ ਅਤੇ ਦਸ ਸਾਲ ਬਾਦ ਸੰਨ 1763 ਈ. ਵਿਚ ਕਿਲ੍ਹਾ ਮੁਬਾਰਕ ਦੀ ਨੀਂਹ ਰਖੀ। ਉਸ ਦਿਨ ਤੋਂ ਇਹ ਨਗਰ ‘ਪਟਿਆਲਾ’ ਵਜੋਂ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੋ ਗਿਆ। ਕੁਝ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਨਾਂ ‘ਪਟੀ-ਆਲਾ’ ਦਾ ਸੰਯੁਕਤ ਸ਼ਬਦ ਹੈ। ਬਾਬਾ ਆਲਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ ਦੇਹਾਂਤ (ਸੰ. 1765 ਈ.) ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਥੇ ਚੰਗਾ ਨਗਰ ਵਸਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਰਿਆਸਤ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਵੀ ਬਰਨਾਲੇ ਤੋਂ ਇਥੇ ਬਦਲ ਲਈ ਸੀ। ਇਸ ਨਗਰ ਵਾਲੀ ਥਾਂ’ਤੇ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਨੇ ਚਰਣ ਪਾਏ ਸਨ। ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਅਨੁਸਾਰ ਜਦੋਂ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਸੈਫ਼ਾਬਾਦ (ਬਹਾਦਰਗੜ੍ਹ) ਵਿਚ ਠਹਿਰੇ ਹੋਏ ਸਨ, ਤਾਂ ਲਹਿਲ ਪਿੰਡ ਦਾ ਇਕ ਝੀਵਰ, ਭਾਗ ਰਾਮ, ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਸੇਵਾ ਵਿਚ ਹਾਜ਼ਰ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਜੀ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ ਕਿ ਗੁਰੂ ਜੀ ਉਸ ਦੇ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਪਧਾਰਨ ਅਤੇ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕ ਭਿਆਨਕ, ਨਾਮੁਰਾਦ ਬੀਮਾਰੀ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ। ਗੁਰੂ ਜੀ ਲਹਿਲ ਪਿੰਡ ਆਏ ਅਤੇ ਇਕ ਟੋਭੇ ਦੇ ਕੰਢੇ ਬੋਹੜ ਦੇ ਬ੍ਰਿਛ ਹੇਠਾਂ ਬੈਠੇ। ਪਿੰਡ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਬੀਮਾਰੀ ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਕ੍ਰਿਪਾ ਨਾਲ ਠੀਕ ਹੋ ਗਈ। ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਬੈਠਣ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਉਤੇ ਹੁਣ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਦੂਖ- ਨਿਵਾਰਨ ਸਾਹਿਬ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਆਮਦ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿਚ ਪਹਿਲਾਂ ਇਥੇ ਰਾਜਾ ਅਮਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਇਕ ਬਾਗ਼ ਲਗਵਾਇਆ ਅਤੇ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਦੇ ਸਪੁਰਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਸੰਨ 1930 ਈ. ਵਿਚ ਮਹਾਰਾਜਾ ਭੂਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਇਥੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਬਣਵਾਇਆ ਅਤੇ ਉਸ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਪਟਿਆਲਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਪੈਪਸੂ ਬਣਨ’ਤੇ ਇਸ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ‘ਧਰਮ ਅਰਥ ਬੋਰਡ ’ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀ ਗਈ। ਪੈਪਸੂ ਦੇ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਹ ਗੁਰੂ- ਧਾਮ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਹੋ ਗਿਆ। ਹੁਣ ਇਸ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਦੀ ਨਵੀਂ ਇਮਾਰਤ ਬਣ ਚੁਕੀ ਹੈ। ਗੁਰੂ ਕਾ ਲੰਗਰ , ਸਰੋਵਰ ਅਤੇ ਰਿਹਾਇਸ਼ੀ ਕਮਰੇ ਵੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪਰਿਸਰ ਵਿਚ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਬਸੰਤ ਪੰਚਮੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਇਥੇ ਸਾਲਾਨਾ ਧਾਰਮਿਕ ਮੇਲਾ ਲਗਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਨਗਰ ਵਿਚ ਦੂਜਾ ਗੁਰੂ-ਧਾਮ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਮੋਤੀ ਬਾਗ਼ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਪਰੰਪਰਾ ਅਨੁਸਾਰ ਸੰਨ 1675 ਈ. ਨੂੰ ਦਿੱਲੀ ਜਾਂਦੇ ਹੋਇਆਂ ਗੁਰੂ ਜੀ ਕੁਝ ਦੇਰ ਲਈ ਇਸ ਥਾਂ ਉਤੇ ਠਹਿਰੇ ਸਨ। ਇਥੇ ਉਦੋਂ ਬਿਲਕੁਲ ਜੰਗਲ ਹੁੰਦਾ ਸੀ। ਮਹਾਰਾਜਾ ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਜਦੋਂ ਮੋਤੀਬਾਗ਼ ਮਹੱਲ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਵਾਇਆ ਤਾਂ ਸੰਨ 1852 ਈ. ਵਿਚ ਇਹ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਵੀ ਬਣਵਾਇਆ। ਹੁਣ ਇਸ ਦੀ ਨਵੀਂ ਇਮਾਰਤ ਬਣ ਚੁਕੀ ਹੈ। ਉੱਚੇ ਥੜੇ ਉਤੇ ਬਣੇ ਇਸ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਵਿਚ ਪਹਿਲਾਂ ਦਸਮ ਗ੍ਰੰਥ ਦੀ ਇਕ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਬੀੜ ਵੀ ਸੰਭਾਲੀ ਹੋਈ ਸੀ। ਇਸ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਦੂਖ ਨਿਵਾਰਨ ਸਾਹਿਬ ਵਾਲੀ ਕਮੇਟੀ ਹੀ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਇਥੇ ਹਰ ਸਾਲ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦੁਰ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਅਤੇ ਸ਼ਹਾਦਤ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਉਤੇ ਭਾਰੀ ਦੀਵਾਨ ਸਜਦੇ ਹਨ। ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਅਕਸਰ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ ਇਸ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਕੇ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਅਤੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿਚੋਂ ਗੁਜ਼ਾਰਦੇ ਹੋਇਆਂ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਦੂਖ ਨਿਵਾਰਨ ਵਿਚ ਸਮਾਪਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। |